मूंगफली की खेती , गर्मी में मूंगफली की खेती

मूंगफली की खेती , गर्मी में मूंगफली की खेती

किसान भाइयों मुगफली एक तिलहन फसल है जिसको भारत मे बहुत से राज्यो में लगाई जाती है क्यो की मुगफली की खेती कम पानी के साथ तैयार होने वाली फसल है जो कि मुनाफा अधिक देती है अगर आप भी मुगफली की खेती करना चाहते है ओर आपको मुगफली की खेती के बारे में कोई भी जानकारी नही है या आपको अधिक मुनाफा पाने के लिए जानकारी लेना चाहिए है तो हम आपको मुगफली की खेती के बारे में सभी जानकारी देंगे जिससे आपके लिए मुगफली की खेती करनी बहुत आसान हो जाएगी ओर मुनाफा भी अधिक होगा

किसान भाइयों हम इस आर्टिकल में आपको मुगफली से जुड़ी सभी जानकारी देंगे जो मुगफली की खेती करने के लिए आवश्यक है जैसे कि मुगफली की खेती किस समय मे करनी चाहिए मुगफली की कौनसी किस्म का उपयोग करना चाहते कितने पानी लगाने चाहिए बाजार में मुगफली को कब लेकर जाए सभी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल में देगे तो आइये हम सभी जानकारी को विस्तार से जानते है

मूंगफली की खेती केसे करे

मूंगफली की खेती के लिए उपयुक्त मिट्टी

किसान भाइयों मुगफली की खेती के लिए अच्छी जल निकास वाली भूमि की आवश्यकता होती है जिसका ph मान 6 से 7 होता है इसके अलावा मुगफली की खेती के लिए बलुई दोमत मिटी मुलायम मिट्टी की आवश्यकता होती है

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मुगफली की खेती करने का समय

किसान भाइयों मुगफली की खेती पहले बारिश पर निर्भर रहती थी जिसके कारण इसकी बुवाई अगेती वह पछेती होती रहती थी लेकिन आज के समय मे सिचाई के बहुत से साधन आ गए है जिसको देखते हुवे अगर हम सही समय की बात करे तो मुगफली की खेती का सही समय 15 जून से 15 जुलाई का होता है जिसमे फसल का अच्छा उत्पादन देती है मुगफली की खेती में तापमान की बात करे तो 15 डिग्री से 37 डिग्री के अंतराल पर होना चाहिए

मूंगफली की किस्में ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों आज के समय मे बहुत सी मुगफली की वेरायटी आ गई है जिसमे से आपको कुछ ऐसी वेरायटी के बारे में बतायेगे जिससे आपको अधिक से अधिक उत्पादन प्राप्त हो सके

मुक्ता

किसान भाइयों यह किस्म 120 से 135 दिन में पककर तैयार हो जाती है जिसका औसत उत्पादन 20 से 22 क्विटल तक होता है इनमे रोग कम लगते है

गिरनार 2

यह किस्म 120 से 130 दिन में तैयार हो जाती है जिसमे इसका औसत उत्पादन 20 से 27 क्विटल प्रति हेक्टेयर होता ही
इस किस्म को दोमत मिटी या रेतीली बेरानी मिट्टी में लगाई जाती है इस किस्म में 50 से 55 प्रतिशत तेल की मात्रा होती है

जी जी 7

यह किस्म 100 से 110 दिन में पककर तैयार हो जाती है जिसका ओसत उत्पादन 25 से 30 क्विटल तक हो जाता है

गंगापुरी

यह किस्म कम समय मे तैयार होने वाली अच्छी किस्म है इस किस्म को तैयार होने में सिर्फ 90 से 100 दिन लगते है जिसका उत्पादन 20 से 24 क्विटल प्रति हेक्टेयर की दर से पाया जाता है इस पौघे की पतिया गहरे हरे रंग की होती है गंगापुरी का डेड फुट का होता है

राज दुर्गा

यह किस्म 120 से 135 दिन में तैयार हो जाती है यह किस्म 30 से 40 क्विटल प्रति हेक्टेयर होती है
इस किस्म में 51 से 54 प्रतिशत तेल की मात्रा होती हैं
इस किस्म में गलकट रोग और कॉलर राउंड रोग के प्रति प्रतिरोधी है

आई सी. जी. वी. 86590

यह किस्म 100 से 120 दिन में पककर तैयार हो जाती है जिसका औसत उत्पादन 25 से 30 क्विटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन देता है

टी जी 37 A

यह किस्म जुमका टाइप की किस्म है जो कि जल्दी पककर तैयार हो जाती है अगर इस किस्म की समय पर खुदाई नही की जाती तो इसके दाने अंकुरित होने शुरू हो जाते है यह किस्म ज्यादा तर ग्रीष्म कालीन समय मे ओर फुवारा पढ़ती से सिचाई की जाती है

यह किस्म 100 से 110 दिन में पकती है जो कि 30 से 35 क्विटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन देती है इस किस्म में प्रोटिन की मात्रा 23 से 25 प्रतिशत होती है और तेल की मात्रा 50 प्रतिशत होती है

एन एन जी 10

यह किस्म 120 से 130 दिन पर पककर तैयार हो जाती है जिसका उत्पादन 20 से 25 क्विटल प्रति हेक्टेयर की दर से होता है इस किस्म में 51 प्रतिशत तेल की मात्रा होती है यह किस्म ज्यादातर बारिश के मौसम में लगाई जाती है

D H 86

यह किस्म गर्मियों के लिए उपयुक्त मानी गई है जो कि 120 से 130 में पककर तैयार हो जाती है यह किस्म 30 से 32 क्विटल प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन दे देती है

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मुगफली की खेती के लिए खेत तैयार

किसान भाइयों मुगफली की बुवाई करने से पहले आपको खेत की बुवाई करनी बहुत आवश्यक है जिससे मुगफली की जड़े अधिक से अधिक जमीन में फैले

किसान भाइयों मुगफली के खेत को तैयार करने के लिए आपको 2 3 बार कल्टीवेटर से या तोता हल से बुवाई करनी चाहिए जिससे मिट्टी अच्छी तरह पलट जाए साथ मे मुलायम हो जाये

कल्टीवेटर की लास्ट बुवाई से पहले आपको खेत मे गोबर खाद या केचुआ खाद डालनी है जिससे पौधों की जड़ो को लम्बे समय तक शक्ति मिले ( मूंगफली की खेती केसे करे )

खाद छिड़काव के बाद लास्ट कल्टीवेटर की बुवाई कर दे ओर उसके बाद खेत को समतल करने के लिए पाटा का उपयोग करे उसके बाद आप खेत मे मुगफली की बुवाई कर सकते हो

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मुगफली की बुवाई कैसे करे

किसान भाइयों मुगफली की बुवाई से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार कर लेना चाहिए जब खेत अच्छी तरह तैयार हो जाता है उसके बाद आप खेत मे बुवाई कर सकते हो

मुगफली की बुवाई वेरायटी के हिसाब से की जाती है अगर कम फैलाव वाले गुछे की वेरायटी की बुवाई करते है तो 70 से 80 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की दर से लेना चाहिए अगर ज्यादा फैलाव वाली किस्मो का उपयोग करते है तो 60 से 70 किलो बीज प्रति हेक्टेयर की दर से बुबाई करनी चाहिए ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली की बुवाई से पहले कार्बेण्डिजिम या मेन्कोजेब दवा से बीज को उपचारित करना चाहिए उपचारित करने के लिए आपको 2 ग्राम प्रति किलो बीज के हिसाब से उपचारित करे जिससे मुगफली के बीज का अंकुरण अच्छा होगा साथ मे मुगफली में लगने वाले बहुत से रोगों से बचा जा सकता है

किसान भाइयों बीज की बुवाई करते समय बीज को उच्च ।मात्रा की दूरी पर बिजना चाहिए जैसे कि कम फैलाव बीज को 30 सेमी की दूरी पर ओर अधिक फैलाव वाले बीज को 45 सेमी की दूरी पर बिजना चाहिए ( मूंगफली की खेती केसे करे )

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मुगफली में सिचाई

किसान भाइयों मुगफली की खेती में सिचाई की ज्यादा आवश्यकता नही होती अगर मुगफली की खेती में समय समय पर वर्षा हो जाती है तो सिचाई की आवश्यकता नही रहती अगर वर्षा नही होती तो 2 बार सिचाई करनी आवश्यक है एक तो जब मुगफली के पौधे पर फूल लगने शुरू होते है और दूसरा पानी जब तब मुगफली की जड़ो में फली लगने शुरू होती है उस समय जमीन में अगर नमी बनी रहती है तो अधिक से अधिक फली लगतीं है वह फली का आकार भी बड़ा रहता है जिससे उत्पादन भी बढ़ता है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों ध्यान रखे कि फली लगते समय खेत में पानी नही रुकना चाहिए अगर खेत मे पानी रुक जाता है तो फली गलनी शुरू हो जाती है जिससे उत्पादन क्षमता घट जाती है

मुगफली की फसल में निराई गुड़ाई

किसान भाइयों मुगफली की खेती में निराई गुड़ाई पर विशेष दियांन देना चाहिए क्यो की अगर हम समय पर पोधो की स्माल नही करेगे तो पौधा खरपतवार में दब जायेगा जिससे पौधा चल नही पायेगा इसके बचाव के लिए वह अच्छे उत्पादन के लिए आपको समय समय पर निराई गुड़ाई करनी बहुत आवश्यक है

किसान भाइयों आपको कम से कम 2 बार निराई गुड़ाई करनी तो बहुत आवश्यक है पहली निराई गुड़ाई आपको बुवाई के 20 से 21 दिन के बाद करनी चाहिए ओर दूसरी निराई गुड़ाई पोधो के फूल आते समय करनी चाहिए

मुगफली की खेती में रोग नियत्रण

किसान भाइयों मुगफली की खेती में समय समय पर रोगों पर विशेष धियान रखना होता है जिससे फसल नष्ट होने से बच सके तो आइए हम जानते है कि मुगफली की खेती में कोन कोन से किट ओर रोग लगते है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

टिक्का रो

यह रोग मुगफली की फसल में लगने वाला भयंकर रोग है यह रोग बुवाई के लगभग 40 दिन बाद ज्यादा दिखाई देता है इस रोग से पोधो की पतिया पीली पड़ जाती है धीरे धीरे यह रोग आगे से आगे बढ़ता रहता हैं ओर पतिया जड़ जाती है जिससे उत्पादन में बहुत ज्यादा कमी आती है

इस रोग से बचने के लिए आपको समय पर डाइथेन एम-45 की 10 दिन के अन्तराल पर 2 से 3 स्प्रे करे इसके लिए आपको 1 लीटर दवा 500 लीटर पानी मे मिलाकर छिड़काव करें

गेरुआ रोग

यह रोग पोधो की पत्तियों के निचले सतह पर दिखाई देता है इस रोग से पतियों के नीचे दबे मण्ड जाते है वह पतियों के किनारे फट जाते है जिससे उत्पादन में काभी हद तक नुकसान होता है इसके बचाव के लिए आपको करबेंडाजिम ओर मेनकोजेब 1 किलो प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें ( मूंगफली की खेती केसे करे )

पीलिया रोग

इस रोग से बचने के लिए गधक का अमल 0.1 प्रतिशत के हिसाब से फसल में छिड़काव करें जिससे पीलिया रोग से बचा जा सकता है

जड़ गलन रोग

इस रोग से पोधो की जड़े सुख जाती है और काली पड़ जाती है इस रोग से बचने के लिए आपको करबेंडाजिम का उपयोग कर सकते हो करबेंडाजिम का उपयोग खाद में मिलाकर छिड़काव करें

खाद वह उर्वरक

किसान भाइयों मुगफली की खेती से अच्छी पैदावार प्राप्त करने के लिए आपको समय समय पर खाद वह उर्वरक का उपयोग करते रहना है जिससे अच्छा मुनाफा हो
किसान भाइयों अगर आपने अभी तक मुगफली की खेती में खाद वह उर्वरक का उपयोग नही किया है तो आप हमारे द्वारा बताये गये तरीको से खाद वह उर्वरक का उपयोग कर सकते हो जिससे आपको अधिक लाभ मिलेगा तो आइये जानते है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

पहली खाद

किसान भाइयों जब आपकी फसल 20 से 30 दिन की खेती है तब आपको इसमे पहली खाद डालनी चाहिए ( मूंगफली की खेती केसे करे )
जिसमे आपको 30 से 35 किलो यूरिया, 40 से 45 किलो सिंगल सुपर फास्फोरस, 13 से 15 किलो पोटाश प्रति एकड़ की डर से सिचाई के साथ आपकी फसल को होना है

दूसरी खाद

किसान भाइयों जब आपकी फसल 50 से 60 दिन की हो जाती है तब आपको निम्न खाद का उपयोग करना है

5 किलो सल्फर, 15 किलो यूरिया, 5 किलो केल्शियम नाइट्रोजन, 4 किलो एन पी के प्रति एकड़ की दर से सिचाई के साथा देना है

तीसरी खाद

किसान भाइयों जब आपकी खेती 70 से 80 दिन की हो जाती है तब आपको 4 किलो एन पी के प्रति हेक्टेयर की दर से सिचाई के साथ देनी है

मुगफली की खेती से जुड़ी अन्य जानकारी ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों मुगफली की खेती में पोधे पर फूल आते समय वह फलियां बनते समय जमीन में नमी का होना बहुत आवश्यक है इसके लिए आप फुवारा पढ़ती का उपयोग करते रहे या समय समय पर पानी लगाते रहे ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों मुगफली की शुरू की 30 दिन की खेती में खरपतवार पर विशेष दियांन रखना होता है इसके लिए आप समय समय पर खरपतवार पर मिटी चढ़ाते रहे जिससे खरपतवार भूमि में दब जाएगा या आप समय समय पर खरपतवार को निकालते रहे

मुगफली की फसल का उत्पादन बढ़ाने के लिए आपको लगभग 800 ग्राम अमोनियम सल्फेट, 2 किलो डायमोनियम फॉस्फेट,400 ग्राम बोरेक्स, 1 किलो जिंक सल्फेट सभी का मिश्रण बनाकर मुगफली की खेती में उपयोग करना है जिससे मुगफली के फूल जड़ने से बच जाते है पतिया पीली पड़ने से बच जाती है जिससे पोधो को समय समय पर प्रकाश सशलेशन की प्रकिर्या बनी रहती है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली की कटाई ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों मुगफली लगभग 100 से 120 दिन में पककर तैयार हो जाती है इसका समय कुछ कम या ज्यादा वेरायटी के हिसाब से हो सकता है

मुगफली की फली तैयार होने के बाद पोधे की पतिया पीली पड़नी शुरू हो जाती है और नीचे की पतिया जड़नी शुरू हो जाती है तब मुगफली की फली अच्छी तरह से तैयार हो जाती है

मुगफली के पौधो के गुछे को जमीन से बाहर निकाल कर रख दे फिर इसे 7 से 10 दिन के लिए धूप लगने दे जिससे इसकी नमी कम हो सके जब फली में नमी 10 से 12 प्रतिशत रहती है उस समय आप पोधो से फलियों को अलग कर सकते हो ओर उसके बाद आप बाजर में मंडी भाव के हिसाब से ले जा सकते हो। ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली का उत्पादन

किसान भाइयों हम खेती की पूरी जानकारी प्राप्त कर ली है उसके बाद हमे मुगफली की खेती करने पर कितना लाभ हो सकता है इसका भी अनुमान होना चाहिए जिससे हम उसी हिसाब से खेती कर सके ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों सिचाई वाले छेत्र में हम मुगफली से औसत उत्पादन 22 से 30 क्विटल प्रति हेक्टेयर की दर से उत्पादन प्राप्त कर सकते हो जिसमे फसल का पूरा खर्चा लगभग 30 से 35 हजार रुपये आ जाता है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली के खाने के फायदे ( मूंगफली की खेती केसे करे )

किसान भाइयों अब हम थोड़ी बात मुगफली के खाने से कर लेते है कि इसके खाने के क्या क्या फायदे है

मुगफली में बहुत अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है जिसके कारण मुगफली को गरीबो का प्रोटिन भी कहा जाता है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली खाने से बालो के जड़ने की समस्या दूर हो जाती है जिम जाने वाला व्यक्ति मुगफली का उपयोग कर सकता है क्यो की इससे मसल मजबूत होते है

इसके अलावा तनाव दूर करने के लिए वह याद दास्त अच्छी रखने के लिए भी मुगफली का सेवन किया जाता है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मुगफली के सेवन से सुगर को कंट्रोल किया जा सकता है सुगर मरीज के लिए मुगफली बहुत लाभदायक है

नॉट किसान भाइयों मुगफली लिमिट से ज्यादा खाने पर आपको मुगफली खाने पर नुकसान भी हो सकते है ( मूंगफली की खेती केसे करे )

मूंगफली कितने दिन की फसल है

110 से 130

1 बीघा में कितनी मूंगफली होती है?

पाच से छ: क्विटल

मूंगफली की खेती केसे करे

निष्कर्ष

किसान भाइयों आज हमने इस आर्टिकल में पढ़ा कि मुगफली की खेती कैसे करे इसके बारे में हमने सभी जानकारी विस्तार से देने की कोशिश की है जिससे आप इस आर्टिकल को पढ़कर खेती कर सकते हो

किसान भाइयों अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ समझ नही आ रहा है या कुछ हमने कोई भी जानकारी अधूरी दी है तो आप हमें कॉमेंट कर सकते हो जिससे हम आपको वह जानकारी विस्तार से देगे ( मूंगफली की खेती केसे करे )

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कुलवंत सिंह भाटी
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम कुलवंत सिंग भाटी है। मैं आपको किसान समाधान ब्लॉग पर खेती, फसलों, कृषि यंत्रो, खाद तथा किसानों के लिए आने वाली योजनाओं से जुड़ी सारी जानकारी शेयर करता हूँ।
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